Premature Ejaculation

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Premature Ejaculation Dr. Anil Gaikwad Surat

Premature ejaculation is uncontrolled ejaculation either before or shortly after sexual penetration. It happens with minimal sexual stimulation and before the person wishes. It may result in unsatisfactory sex for both partners. This can increase the anxiety that may add to the problem. It is one of the most common forms of male sexual dysfunction. It has probably affected every man at some point in his life.


Premature Ejaculation

  • What is premature ejaculation?

    Premature ejaculation is uncontrolled ejaculation either before or shortly after sexual penetration. It happens with minimal sexual stimulation and before the person wishes. It may result in unsatisfactory sex for both partners. This can increase the anxiety that may add to the problem. It is one of the most common forms of male sexual dysfunction. It has probably affected every man at some point in his life.

  • What causes premature ejaculation?

    Most cases of premature ejaculation do not have a clear cause. With sexual experience and age, men often learn to delay orgasm. Premature ejaculation may occur with a new partner. It may happen only in certain sexual situations or if it has been a long time since the last ejaculation. Psychological factors such as anxiety, guilt, or depression can also cause it. In some cases, it may be related to a medical cause such as hormonal problems, injury, or a side effect of certain medicines.

  • What are the symptoms?

    The main symptom is an uncontrolled ejaculation either before or shortly after intercourse begins. Ejaculation occurs before the person wishes it, with minimal sexual stimulation.

Premature Ejaculation in Hindi

वैसे तो यह पुरुषो में पाए जाने वाली एक प्रकार की समान्य sexual disorder हैं । शीघ्रपतन का अर्थ तेजी से गिरना होता हैं । लेकिन Medical Science में यह शब्द पुरुष के वीर्य के स्खलन से संबधित होता है । किसी पुरुष के सेक्स के दौरान अपने चरमोत्कर्ष का, अनचाहे रूप से समय से पहले हो जाना और वीर्य पतन पर नियंत्रण न हो पाना Premature Ejaculation in Hindi (शीघ्रपतन) कहलाता है|

Medical Science में अगर पुरुष का वीर्य स्त्री से सहवास यानि संभोग क्रिया शुरू होने से 60 सैकंड (1 मिनट) के भीतर ही स्खलित हो जाता है तो इसे शीघ्र-पतन (premature ejaculation) माना जाता हैं । वैसे सम्भोग की समयावधि कितनी होनी चाहिए यानी कितनी देर तक वीर्यपात नहीं होना चाहिए, इसका कोई निश्चित मापदण्ड निर्धारित नहीं किया गया है।सेक्स में लगने वाला समय प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है I यहाँ यह समझ लेना जरूरी है कि जरूरी नहीं है कि हर वह व्यक्ति जिसका वीर्यस्खलन शीघ्र होता है शीघ्रपतन का शिकार है। हो सकता है व्यक्तिविशेष किसी शारीरिक विषमता का शिकार हो और यह समस्या स्थाई हो पर इस हेतु अच्छे विशेषग्य से परामर्श आवश्यक है ।शीघ्रपतन की बीमारी को नपुंसकता श्रेणी में नहीं रखा जा सकता,क्योंकि यह बीमारी पुरुषों की मानसिक हालत पर भी निर्भर रहती है। मूलरूप से देखा जाय तो 95 फीसदी शीघ्रपतन के मामले मानसिक हालत की वजह से होते हैं और इसके पीछे उनमें पाई जाने वाली सेक्स अज्ञानता व शीघ्रपतन को बीमारी व शीघ्रपतन से संबंधी बिज्ञापन होते हैं।

वैसे तो Early Ejaculation पुरुषो में एक समान्य sexual disorder हैं लेकिन समय रहते इसका समाधान नहीं किया जाये तो सेक्स संबधित और भी यौन विषमताएं होने का खतरा बना रहता हैं साथ ही साथ इससे ग्रसित लोगो में असंतुष्टि, ग्लानी, हीन-भावना, नकारात्मक विचारो का आना एवं अपने साथी के साथ संबंधों में तनाव आना मुमकिन है। Early Ejaculation Different Stages in Hindi । शीघ्रपतन के स्तर मशहूर ब्रिटिश यौन विशेषज्ञ सी. डब्ल्यू. हेस्टिंग्स* के अनुसंधानों के परिणामों के अनुसार शीघ्रपतन के चार स्तर होते हैं । जो कई चीजो के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जैसे ,शीघ्रपतन का कारण, अवस्था यानि की समस्या कितना गंभीर है और रोगी कितने समय से उससे पीड़ित रहा है। इनमें से प्रत्येक स्तर उसके कारणों से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है।

  • स्तर 1

    युवावर्ग के लोग इस स्तर से प्रभावित होते है । यह समस्या अमुमन किशोरावस्था और पूर्व किशोरावस्था में खराब आदतें जैसे बहुत तेजी से हस्तमैथुन करने से उत्तपन होती है , ऐशे स्तिथि में वह मानसिक तौर से तेजी से वीर्यस्खलन के आदि हो जाते है । जो की आगे चलकर अपने वैवाहिक जीवन में शीघ्रपतन जैसी समस्या से ग्रसित हो जाते है ।

  • स्तर 2

    इस स्तर के शीघ्रपतन की समस्या साधारणतः रोजमर्रा की गलत आदते सिगरेट,शराब और तम्बाकू जैसे मादक पदार्थो के सेवन से उतपन्न होती हैं ।

  • स्तर 3

    इस स्तर के शीघ्रपतन का कारण मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन के स्तरों में स्थायी असंतुलन हो जाना होता है, जो की अधिक तनावग्रस्त और मानसिक दबाव के कारण उत्पन होता हैं । जो यौन आवेश को बहुत बढ़ा देता है जिसके कारण वीर्य स्खलनीय प्रतिवर्ती क्रिया चालू हो जाती है। इस स्तर के शीघ्रपतन का तुरंत इलाज होना चाहिए अन्यथा यह यौन अक्षमता* में बदल सकता है,

  • स्तर 4

    यह शीघ्रपतन का सबसे गंभीर स्थिति है जो की यह अक्षमता का रूप ले चुकी होती है । इससे प्रभवित लोग नपुंसकता जैसे sexual disorder के शिकार हो जाते है ।जब आप शीघ्रपतन से पीड़ित हों, तो यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि हर तरह के शीघ्रपतन के स्तर इलाज से ठीक हो सकता है । इस समस्या को भी एक आम शारीरिक परेशानी की तरह लें । आप जितना अधिक समय बिताएंगे,समस्या उतनी ही उलझती जाएगी और उसका इलाज उतना ही कठिन होता जाएगा।